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कृपया ध्यान दे! आपको दिए गए हेल्थ टिप्स की सारी पोस्ट केवल सामान्य सूचना उद्देश्यों के लिए है। तो आप सभी से विनती है किआप हमारे पेज पर दिए गए सारी पोस्ट घरेलू इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें फिर आप इन पोस्ट मे दिए गए जानकारी का उपयोग करे। धन्यवाद

12/08/2026

👀 आंखों में थकान, भारीपन या हल्की जलन हो तो
📱 स्क्रीन से नियमित अंतराल पर आंखों को आराम दें और कुछ देर दूर की वस्तु देखें।
💧 चेहरे/आंखों के आसपास साफ ठंडे पानी के छींटे राहत दे सकते हैं।
⚠️ अगर जलन, दर्द, लालिमा या धुंधला दिखना लगातार बना रहे, तो आंखों के डॉक्टर से सलाह लें।

#आंखोंकीदेखभाल #आंखोंकीथकान

12/08/2026

"खीर में दूध फट न जाए
इसके लिए खीर बनाते समय
चीनी हमेशा आखिर में डालें, शुरू में नहीं।"

12/08/2026

🦷 मसूड़ों में सूजन और हल्के दर्द के लिए गुनगुने नमक वाले पानी से कुल्ला
⭐ 1. मसूड़ों की सूजन में राहत
गुनगुने नमक वाले पानी से कुल्ला करने से मसूड़ों की सफाई में मदद मिल सकती है और हल्की सूजन में अस्थायी राहत मिल सकती है।
⭐ 2. मसूड़ों के दर्द में आराम
हल्के मसूड़े के दर्द या संवेदनशीलता में गुनगुने पानी से कुल्ला करने से कुछ समय के लिए आराम महसूस हो सकता है।
⭐ 3. मुंह की सफाई में मदद
कुल्ला करने से मुंह में मौजूद भोजन के छोटे कण और कुछ बैक्टीरिया हटाने में मदद मिल सकती है।
⭐ 4. मसूड़ों की जलन में राहत
यदि मसूड़ों में हल्की जलन या असहजता हो, तो नमक वाले पानी से कुल्ला करना आरामदायक हो सकता है।
🥣 कैसे करें इस्तेमाल:
1 गिलास गुनगुने पानी में लगभग ½ चम्मच नमक मिलाएं।
इसे मुंह में लेकर लगभग 20–30 सेकंड तक धीरे-धीरे कुल्ला करें और फिर थूक दें। इसे दिन में 1–2 बार किया जा सकता है। पानी बहुत गर्म न हो।
⚠️ सावधानी:
नमक वाला पानी निगलें नहीं और बहुत ज्यादा नमक का इस्तेमाल न करें। यह घरेलू उपाय दांत या मसूड़ों की बीमारी का इलाज नहीं है। यदि सूजन, दर्द, पस, खून आना या मुंह में बदबू लगातार बनी रहे, तो दंत चिकित्सक से जांच करवाएं।

12/08/2026

🌿 हींग पानी पीने के फायदे
✅ खाना खाने के बाद पेट भारी और फूला हुआ लगता है?
अगर भोजन के बाद पेट में भारीपन, गैस या असहजता महसूस होती है, तो थोड़ी-सी हींग को गुनगुने पानी में मिलाकर लेना कुछ लोगों को राहत दे सकता है।
⭐ 1. गैस और पेट फूलने में राहत
हींग का पारंपरिक रूप से पाचन संबंधी परेशानी और गैस में उपयोग किया जाता है। भोजन के बाद होने वाली फुलावट और असहजता को कम करने में मदद मिल सकती है।
⭐ 2. पेट के भारीपन में आराम
भोजन अधिक हो जाने पर पेट भारी महसूस हो तो हल्के गुनगुने पानी में थोड़ी-सी हींग लेना पाचन को सहज महसूस कराने में मदद कर सकता है।
⭐ 3. अपच में सहायक
हींग का इस्तेमाल पारंपरिक घरेलू नुस्खों में अपच और पेट की असुविधा के लिए किया जाता रहा है।
⭐ 4. पेट की ऐंठन में राहत
कुछ लोगों में हींग पेट की हल्की ऐंठन और मरोड़ जैसी परेशानी में आराम देने में सहायक हो सकती है।
🥤 कैसे करें इस्तेमाल?
एक गिलास गुनगुने पानी में एक बहुत छोटी चुटकी हींग मिलाएं। इसे अच्छी तरह घोलकर भोजन के बाद धीरे-धीरे पिएं। अधिक मात्रा में हींग लेने की जरूरत नहीं है।
⚠️ सावधानी:
हींग की अधिक मात्रा पेट में जलन, गैस या अन्य परेशानी पैदा कर सकती है। अगर पेट दर्द बार-बार होता है, बहुत तेज दर्द है, उल्टी, खून, लगातार पेट फूलना या वजन कम होना जैसी समस्या हो तो केवल घरेलू नुस्खे पर निर्भर न रहें और डॉक्टर से सलाह लें। गर्भावस्था, छोटे बच्चों या किसी बीमारी/दवा के सेवन की स्थिति में नियमित रूप से लेने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

12/08/2026

Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard! Sunil Sunil, Devendra Acharya, Ashwani Choudhary, Anju-sippy Verma, Deepak Thakur, Hariom Singh Thakur, Grantha Sutar, Monu Pal, Prakash Rajput, Bharat Bhudev, Nitu Singh, Poonam Sonagiri, Dilbag Singh, Sharda Dubey, Rk Gujjar, Gazala Parveen, Madhu Suman, Bablu Kumar Bablu

12/08/2026

🔴 क्या शरीर में ताज़गी की कमी महसूस होती है और बार-बार कुछ मीठा खाने का मन करता है तो अनार के दाने खाने का तरीका आज़माया है?
अनार के दानों का यह सेवन लंबे समय से पारंपरिक नुस्खों और घरेलू उपायों में लोकप्रिय रहा है। इसमें पानी, फाइबर और कई पोषक तत्व होते हैं जो संतुलित आहार का हिस्सा बनकर शरीर को पोषण देने में मदद करते हैं। साथ ही, इसका सेवन सेहत के लिए एक प्राकृतिक और पौष्टिक तरीका बन सकता है।
हालाँकि, केवल अनार खाने से हर कमजोरी या समस्या का पूरी तरह इलाज हो जाएगा, ऐसा मानना सही नहीं है। यदि स्वास्थ्य से जुड़ी कोई गंभीर या लगातार समस्या बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है।
✅ संतुलित मात्रा में ताज़े अनार के दाने अपने आहार में शामिल कर सकते हैं, अत्यधिक मात्रा से बचें।
✅ यह फल पैक्ड मिठाइयों या कैमिकल वाले जंक फूड की तुलना में एक बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प हो सकता है।
✅ विशेष स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोग इसे अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।
✅ संतुलित आहार, सही जीवनशैली और नियमित पानी पीने के साथ ही ऐसे पारंपरिक उपायों का पूरा लाभ मिलता है।
💬 क्या आप भी ताज़गी पाने और मीठे की क्रेविंग शांत करने के लिए अनार के दाने खाना पसंद करते हैं? अपना अनुभव कमेंट में ज़रूर बताइए।

11/08/2026

“पीरियड्स के दौरान अखरोट को आहार में शामिल किया जा सकता है।
क्योंकि इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो संतुलित आहार का हिस्सा बनकर शरीर के पोषण में मदद करते हैं और कुछ लोगों में पीरियड्स में दर्द को कम करने में मदद कर सकता है।"

11/08/2026

🫘 राजमा खाने के फायदे: ऊर्जा और पोषण से भरपूर सुपरफूड 💪
क्या सीढ़ियाँ चढ़ते ही पैरों में जल्दी थकान महसूस होती है और ऊर्जा की कमी लगती है? ऐसे में संतुलित आहार के हिस्से के रूप में राजमा को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। राजमा प्रोटीन, आयरन, फाइबर और कई महत्वपूर्ण पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है।
⭐ 1. प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत
राजमा में भरपूर पौध-आधारित प्रोटीन होता है, जो मांसपेशियों के रखरखाव और शरीर की मरम्मत में मदद करता है।
⭐ 2. आयरन की पूर्ति में सहायक
राजमा आयरन का अच्छा स्रोत है। पर्याप्त आयरन शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और सामान्य ऊर्जा स्तर बनाए रखने में मदद करता है।
⭐ 3. लंबे समय तक पेट भरा रखे
इसमें मौजूद फाइबर और प्रोटीन देर तक तृप्ति का एहसास दिलाते हैं, जिससे बार-बार भूख कम लग सकती है।
⭐ 4. पाचन के लिए लाभदायक
राजमा का फाइबर आंतों के स्वास्थ्य और नियमित पाचन में सहायक होता है।
⭐ 5. हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी
संतुलित मात्रा में राजमा का सेवन स्वस्थ आहार का हिस्सा बनकर हृदय के लिए भी लाभकारी हो सकता है।
🥣 सेवन करने का तरीका:
• सप्ताह में 2–3 बार 1 कटोरी अच्छी तरह भिगोकर और पूरी तरह पका हुआ राजमा खाएं।
• इसे ब्राउन राइस, रोटी या सलाद के साथ खाया जा सकता है।
⚠️ सावधानियाँ:
• राजमा को कम से कम 8–10 घंटे भिगोकर अच्छी तरह पकाकर ही खाएं। कच्चा या अधपका राजमा हानिकारक हो सकता है।
• यदि गैस या पेट फूलने की समस्या रहती है, तो शुरुआत में कम मात्रा से सेवन करें।
• यदि थोड़ी मेहनत में ही लगातार अत्यधिक थकान या सांस फूलने की समस्या हो, तो डॉक्टर से जांच कराएं।
📌 नोट: यह सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी है। यह किसी बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं है और चिकित्सकीय सलाह का स्थान नहीं लेती।

11/08/2026

खाना खाने के बाद बार-बार डकारें और पेट में गैस बनती है
तो सौंफ और जीरा बराबर मात्रा में भोजन के बाद चबाएं,
इससे गैस और डकारों में राहत मिल सकती है..!!

11/08/2026

🌿 तिल + बादाम खाने के फायदे
अगर हाथ-पैर में बार-बार सुन्नपन, झनझनाहट या सुई चुभने जैसी महसूस होती है, तो इसे केवल घरेलू नुस्खे से नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तिल और बादाम पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ हैं और संतुलित आहार का हिस्सा बन सकते हैं।
⭐ 1. पोषण की कमी में सहायक
तिल और बादाम में मैग्नीशियम, कैल्शियम, स्वस्थ वसा और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के सामान्य पोषण में मदद करते हैं।
⭐ 2. नसों के सामान्य स्वास्थ्य के लिए
इनमें मौजूद पोषक तत्व शरीर के सामान्य तंत्रिका-कार्य को सपोर्ट करते हैं। यदि झनझनाहट किसी पोषण की कमी से जुड़ी हो, तो संतुलित आहार मददगार हो सकता है।
⭐ 3. ऊर्जा और ताकत के लिए
बादाम और तिल में प्रोटीन व स्वस्थ वसा होते हैं, जो रोजाना के आहार में ऊर्जा और पोषण बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
⭐ 4. हड्डियों और मांसपेशियों के लिए
तिल और बादाम कैल्शियम व मैग्नीशियम जैसे खनिजों के स्रोत हैं, जो हड्डियों और मांसपेशियों के सामान्य स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं।
🥣 कैसे खाएं?
रोजाना सीमित मात्रा में तिल और बादाम अपने भोजन में शामिल करें। बादाम को भिगोकर भी खाया जा सकता है। इन्हें संतुलित आहार के साथ लेना बेहतर है।
⚠️ सावधानी:
बार-बार या लगातार हाथ-पैर सुन्न होना केवल पोषण की कमी के कारण नहीं होता। डायबिटीज, विटामिन B12 की कमी, नसों पर दबाव या अन्य कारण भी हो सकते हैं। इसलिए समस्या लगातार बनी रहे, बढ़े या कमजोरी के साथ हो तो डॉक्टर से जांच करवाएं। तिल या बादाम से एलर्जी हो तो इनका सेवन न करें।

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