Manu Suthar 96
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27/08/2026
26/08/2026
ब्राह्मण गोमती धर्म बहन💖
Traditional craftsmanship at its finest. Watch this skilled artisan weave vibrant patterns into a handmade charpai. What is your favorite traditional craft?
Handcrafted perfection in every detail! Take a look at this stunning traditional wooden bed frame being showcased by our skilled artisan. What do you think of the intricate lion head carvings?
Handcrafted traditional Indian bed with intricate woodwork and vibrant weaving. What do you think of this masterpiece?
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बेस्ट स्पेशल वुडन चारपाई 😍 अब ठोको लाइक 😘
26/08/2026
एक लाइक इस कलाकारी के नाम ❤️
अब ठोको लाईक ❤️
*स्वर्ग क्या है 😢👌❤️* एक बार पढ़ो रोना आ जाएगा 😱😢👌
मनुष्य मृत्यु के बाद स्वर्ग मिलेगा, इस आशा में जीवनभर बहुत प्रयास करता रहता है। कोई उपवास करता है, कोई दान-पुण्य करता है, कोई तीर्थयात्रा करता है, तो कुछ लोग भगवान से मन्नत माँगते हैं। ऐसा लगता है मानो स्वर्ग किसी नई हाउसिंग सोसायटी की तरह हो, जहाँ एक छोटा-सा फ्लैट पाने के लिए पुण्य के अंक जमा करने पड़ते हों...
लेकिन एक पल रुककर यह भी सोचिए...
क्या पता... हम पहले से ही स्वर्ग में जी रहे हों?
सुबह उठते ही एक बार अपने आसपास ध्यान दीजिए।
एक बटन दबाते ही अँधेरा रोशनी में बदल जाता है।
दूसरा बटन दबाते ही पंखा चलने लगता है।
तीसरा बटन दबाते ही ठंडी हवा पूरे कमरे में भर जाती है।
नल खोलते ही पानी बहने लगता है।
गैस जलाते ही कुछ ही मिनटों में खाना तैयार हो जाता है।
जेब से मोबाइल निकालते ही पूरी दुनिया आपकी हथेली पर आ जाती है।
हज़ारों किलोमीटर दूर रहने वाले आपके प्रियजन कुछ ही क्षणों में आपकी आँखों के सामने दिखाई देने लगते हैं।
इतनी सारी अद्भुत सुविधाएँ... लेकिन हम इन्हें बहुत सामान्य समझते हैं। हम ऐसे व्यवहार करते हैं मानो ये सब हमारा जन्मसिद्ध अधिकार हों।
ज़रा कल्पना कीजिए...
अगर दो सौ साल पहले का कोई राजा आज आपके घर आ जाए, तो शायद वह अपने महल में वापस भी जाना न चाहे।
वह आश्चर्य से पूछेगा —
"यह क्या?" — गरम पानी!
"तो यह क्या?" — ठंडी हवा!
"यह क्या है?" — पूरी दुनिया की जानकारी!
"और यह?" — दस मिनट में घर पहुँचने वाला खाना!
तब वह मुस्कुराकर कहेगा —
"मैंने जीवनभर राज किया, युद्ध जीते, अपार संपत्ति पाई... लेकिन ऐसी सुविधाएँ मुझे कभी नहीं मिलीं।"
यह सच है!
आज एक सामान्य इंसान भी अनेक सुविधाओं के मामले में पुराने समय के सबसे शक्तिशाली राजाओं से अधिक समृद्ध है।
फिर भी...
हम खुश नहीं हैं।
क्यों?
क्योंकि इंसान को जो मिल जाता है, उसकी कीमत धीरे-धीरे कम लगने लगती है।
एसी चल रहा है — खुशी नहीं। बंद हो जाए तभी परेशानी महसूस होती है।
मोबाइल है — खुशी नहीं। नेटवर्क चला जाए तो लगता है जैसे दुनिया ही खत्म हो गई।
अपना घर है — संतोष नहीं। पड़ोसी का घर बड़ा है, यही दुख।
अपनी गाड़ी है — तृप्ति नहीं। दूसरे की गाड़ी बड़ी है, यही चिंता।
यानी इंसान अपने ही स्वर्ग में खड़ा होकर, दूसरे के स्वर्ग से अपनी तुलना करके दुखी होता है।
लेकिन इसी पृथ्वी पर एक और दुनिया भी है...
आज भी लाखों लोग एक घड़े भर पानी के लिए घंटों कतार में खड़े रहते हैं।
लाखों परिवारों के पास पक्का घर भी नहीं है।
दिन में दो वक्त का भोजन भी निश्चित नहीं है।
बच्चों के सपने स्कूल की दहलीज़ तक पहुँचने से पहले ही टूट जाते हैं।
तन ढकने के लिए ठीक से कपड़े भी नहीं हैं।
जिन सुविधाओं को हम "सामान्य" समझते हैं, वही किसी और के लिए जीवन का सबसे बड़ा सपना हैं।
हमें एसी का रिमोट नहीं मिलता तो गुस्सा आ जाता है।
उन्हें धूप से बचने के लिए पेड़ की छाया भी नहीं मिलती।
हम डाइट चार्ट ढूँढ़ते हैं।
वे अगला भोजन कैसे मिलेगा, यही सोचते हुए सो जाते हैं।
तब समझ में आता है...
स्वर्ग और नरक मृत्यु के बाद मिलने वाली जगहें नहीं हैं...
वे यहीं हैं... इसी पृथ्वी पर... इसी शहर में... इसी सड़क पर... कभी-कभी एक ही दीवार के दो तरफ...
एक घर का बेटा अपना नया मोबाइल थोड़ा धीमा हो गया, इसलिए परेशान है।
सामने वाले घर का बेटा ऑनलाइन पढ़ाई करने के लिए मोबाइल ही नहीं होने के कारण रो रहा है।
एक आदमी शिकायत करता है कि गरम पानी पाँच मिनट देर से आया।
दूसरा आदमी भगवान से प्रार्थना करता है कि आज पानी मिल गया, यही बहुत है।
फ़र्क सिर्फ परिस्थितियों में नहीं...
फ़र्क नज़रिए में भी है।
कुछ लोग बुरी परिस्थितियों में भी मुस्कुराना सीख गए हैं।
जबकि कुछ लोग सारी सुविधाएँ होने के बावजूद शिकायतों से बाहर नहीं निकल पाते।
इंसान की सबसे अजीब आदत यह है कि —
जो उसके पास नहीं है, उसका हिसाब वह रोज़ रखता है...
लेकिन जो उसके पास है, उसका हिसाब वह कभी नहीं रखता।
हर रात सोने से पहले सिर्फ पाँच बातें लिखकर देखिए —
आज मैं साँस ले रहा हूँ।
आज मेरे पास पीने का पानी है।
आज मुझे भोजन मिला।
आज मेरे पास रहने के लिए एक घर है।
आज मेरे अपने लोग मेरे साथ हैं।
शायद आपका जीवन ही बदल जाए।
शायद "स्वर्ग" कोई जगह नहीं... वह एक अनुभव है!
और "नरक" भी कोई जगह नहीं... उस अनुभव को भूल जाना ही नरक है!
जो हमारे पास है, उसके लिए कृतज्ञ होना ही स्वर्ग है।
जो मिला है उसे भूलकर, सिर्फ शिकायतों में जीना ही नरक है।
मृत्यु के बाद क्या होता है, यह किसी को भी निश्चित रूप से नहीं पता।
लेकिन जीते-जी हमें यह सुंदर पृथ्वी, साँस लेने के लिए हवा, पीने के लिए पानी, खाने के लिए भोजन, प्रेम करने वाले अपने लोग, और एक बटन दबाते ही मिलने वाली अनगिनत सुविधाएँ मिली हैं।
इतना सब कुछ होने के बाद भी अगर हम हमेशा दुखी ही रहें...
तो इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या होगा?
शायद भगवान मुस्कुराकर कहते होंगे —
"मैंने तुम्हें स्वर्ग में ही रखा है... लेकिन तुमने वहाँ भी शिकायतों का दफ़्तर खोल रखा है!"
इसलिए आज से शिकायतें मत गिनिए...
"कृतज्ञता" गिनिए।
क्योंकि "कृतज्ञता" से भरे हृदय में ही सच्चा स्वर्ग होता है।।
25/08/2026
गणेश बस की टीम में न्यू बस का श्री गणेश 🥰
