yog direction classes

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09/06/2026

मेरी इस रंगविहीन दाल को देखकर आप लोग आश्चर्यचकित न हो। मेरा तो दाल बनाने का तरीका यही है।
मैं दाल बनाने से पहले उसे कम से कम 30 से 35 मिनट और ज्यादा से ज्यादा 1 घंटे के लिए भिगो देती हूँ। उसके बाद उसे हाथों से अच्छे से रगड़-रगड़ कर धोती हूँ और फिर बनाती हूँ।

अब पुराना तरीका तो मेरे पास रहा नहीं कि मैं बटलोई या खुले भगोने में दाल बनाऊँ और उसका झाग निकालती जाऊँ। समय की कमी और आज की जीवनशैली में हम सभी प्रेशर कुकर का ही इस्तेमाल करते हैं। इसलिए मैं दाल को भिगोकर ही बनाती हूँ, यह तरीका सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है।

फोटो में आप देख सकते हैं कि अच्छी तरह भीगने के बाद दाल का रंग थोड़ा हल्का हो गया है। इसके पीछे एक गहरा वैज्ञानिक कारण है। जब हम दाल को 40 मिनट या एक घंटे के लिए भिगोते हैं, तो इसके कई फायदे होते हैं-

१. दालों की ऊपरी परत पर जो सैपोनिन (झाग बनाने वाला तत्व) और प्यूरिन होते हैं, वे पानी में घुल जाते हैं। जब हम दाल को रगड़कर धोते हैं, तो ये नुकसानदेह तत्व काफी हद तक साफ हो जाते हैं।

२. दाल को भिगोने से उसके अंदर मौजूद 'एंटी-पोषक तत्व' जैसे फाइटिक एसिड और लेक्टिन्स कम हो जाते हैं। इससे दाल खाने के बाद पेट में भारीपन, गैस या यूरिक एसिड बढ़ने जैसी समस्या नहीं होती।

३. भीगी हुई दाल को पकाने से हमारा शरीर उसके अंदर मौजूद आयरन, जिंक और प्रोटीन को ज्यादा बेहतर तरीके से सोख पाता है।

४. भीगी हुई दाल कुकर में बहुत जल्दी और अच्छी तरह गल जाती है, जिससे गैस की भी बचत होती है। (इस समय lpg बचाना तो वैसे भी बहुत जरुरी है।)

यदि हम पुराने समय की तरह घंटों खुले बर्तन में दाल नहीं पका सकते, तो पकाने से आधा-एक घंटा पहले उसे भिगो देना सबसे बढ़िया विकल्प है।
अगर आपके पास समय है, तो थोड़ी देर पकने के बाद आये झाग को निकाल दीजिये फिर कुकर बंद कीजिये।

08/06/2026

हृदय ♥️क्या है?

हृदय एक मांसपेशीय, खोखला और संकुचनशील अंग है, जो पूरे शरीर में रक्त पहुँचाने का काम करता है। यह जीवन भर बिना रुके कार्य करता रहता है। हृदय द्वारा भेजा गया शुद्ध रक्त शरीर के सभी अंगों को ऑक्सीजन और पोषण प्रदान करता है।

हृदय रोग कैसे होता है?

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, रक्त वाहिनियों (धमनियों) की भीतरी दीवारों पर वसा, कोलेस्ट्रॉल और कैल्शियम जमा होने लगते हैं। इससे धमनियाँ संकरी और कठोर हो जाती हैं, जिससे रक्त का प्रवाह कम हो जाता है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

हृदय रोग के प्रमुख प्रकार

* कोरोनरी आर्टरी डिजीज (हृदय की धमनियों का संकरा होना)
* हार्ट अटैक
* ब्रेन स्ट्रोक
* हृदय वाल्व संबंधी रोग
* हृदय की धड़कन में अनियमितता
* हृदय की मांसपेशियों की कमजोरी

हृदय रोग के मुख्य कारण

1. बढ़ती उम्र – उम्र के साथ धमनियाँ कठोर होती जाती हैं।
2. लिंग – सामान्यतः पुरुषों में जोखिम अधिक माना जाता है।
3. वंशानुगत कारण – परिवार में हृदय रोग का इतिहास होने पर खतरा बढ़ जाता है।
4. अधिक वसायुक्त भोजन – तैलीय और वसा युक्त भोजन धमनियों में रुकावट बढ़ाता है।
5. मधुमेह (डायबिटीज़) – रक्त वाहिनियों को नुकसान पहुँचा सकता है।
6. धूम्रपान और शराब – धमनियों को क्षति पहुँचाते हैं।
7. उच्च रक्तचाप – हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
8. मोटापा – हृदय रोग की संभावना बढ़ाता है।
9. तनाव और चिंता – लंबे समय तक तनाव हृदय के लिए हानिकारक हो सकता है।
10. निष्क्रिय जीवनशैली – शारीरिक गतिविधि की कमी से जोखिम बढ़ता है।

बचाव के उपाय

* नियमित योग और व्यायाम करें।
* संतुलित एवं कम वसा वाला भोजन लें।
* धूम्रपान और शराब से बचें।
* वजन नियंत्रित रखें।
* रक्तचाप और शुगर की नियमित जाँच कराएँ।
* तनाव कम करने के लिए ध्यान (मेडिटेशन) और प्राणायाम करें।

हृदय रोगियों के लिए लाभकारी योगासन
* ताड़ासन
* हस्तोत्थानासन
* उतानमंडूकासन
* गोमुखासन
* स्कंध संचालनासन
* अर्ध-उष्ट्रासन
* अर्धचक्रासन
* भुजंगासन
* मकरासन
* शवासन

प्राणायाम

* अनुलोम-विलोम
* उज्जायी प्राणायाम
* भ्रामरी प्राणायाम
* गहरी एवं लंबी श्वास

ध्यान और योग निद्रा

* प्रतिदिन 15–15 मिनट ध्यान करने की सलाह।
* तनाव कम करने और मानसिक शांति के लिए योग निद्रा लाभकारी बताई गई है।

भोजन संबंधी सुझाव

* हल्का, सुपाच्य और सात्विक भोजन।
* सलाद, अंकुरित अनाज, फल, दलिया, खिचड़ी और मल्टीग्रेन आटे की रोटी।
* तले हुए, गरिष्ठ और अधिक मसालेदार भोजन से बचें।

अन्य सुझाव

* धूम्रपान और शराब का सेवन न करें।
* प्रतिदिन सैर करें।
* तनाव कम रखें।
* जीवनशैली की गलतियों को सुधारें।
* क्षमता के अनुसार कार्य करें।
* प्रसन्नचित्त रहें।

इस लेख का मुख्य संदेश है कि स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार और नियमित योगाभ्यास द्वारा हृदय रोग के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।🙏🙏
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23/05/2026

Garmiyon ke dino m sharir ko thandak dene vale food hi diet m shamil kre

Photos from yog direction classes 's post 16/05/2026

भारतीय योग संस्थान हरिद्वार के पूर्वी जिले द्वारा पांच दिवसीय मोटापा रोग निवारण शिविर का सफलतापूर्वक समापन डिवाइन लाइट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हुआ।
शिविर के पांचवे दिन की साधना जिला अधिकारियों व प्रांतीय अधिकारियों द्वारा कराई गई जिसमें जयप्रकाश जी ने सूक्ष्म क्रियाएं गहरे लंबे श्वास, सूर्य नमस्कार, कमर चक्रासन, ऊष्ट आसान, शशकासन भाग 2 बहुत ही सुंदर कराया , हरीश तनेजा जी ने सिंह गर्जनासन, लुडकना सर्पासन और हंसी की चारों क्रियाएं कराई , प्रवीण अरोड़ा जी ने शवासन का अभ्यास कराया, तन्नु त्यागी जी ने प्राणायाम का अभ्यास कराया , सहज ध्यान सुशीला गिल्डियाल जी ने कराया , मोटापे को कम करने में निष्काम कर्म की भूमिका सुखदेव राज सिडाना जी ने बहुत सुंदर ढंग से समझाया, प्रार्थना शांति पाठ रेखा त्यागी जी द्वारा कराया गया और मंच संचालन पूर्वी जिले की जिला प्रधान श्रीमती सुधा जैन जी ने बहुत ही सुंदर ढंग से किया कोमल सुमरा जी ने बहुत सुंदर फोटोग्राफी की।

सभी जिले से आए अधिकारियों का बहुत-बहुत धन्यवाद सभी साधिकाओं का शिविर को सफल बनाने में बहुत सहयोग रहा उनका दिल से धन्यवाद।
फीडबैक फॉर्म के द्वारा नई साधिकाओं से बहुत सुंदर सुझाव दिए गए। पूरी पूर्वी जिला टीम की ओर से सभी का तहे दिल से धन्यवाद।

निवेदक - सुधा जैन
‌ (पूर्वी जिला प्रधान )
15/05/2026
🙏🏻

13/05/2026

Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard! Jaidev Jakhar, Balraj Lot, Jignesh Vaghasiya, Sagar Navali, Reena Joshi

06/05/2026

Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard! Mukesh Agarwal, Kul Bhushan Rai, Munindra Sahariya

04/05/2026

अस्वस्थ व्यक्ति सिर्फ अपने लिए नहीं दूसरों के लिए भी भार बन जाता है, जो लंबे समय तक अस्वस्थ रहते हैं उनके अपने भी उनके लिए मौत की दुआ करते हैं, यही जिंदगी की कड़वी सच्चाई है l योग प्राणायाम को जीवन में अपनाने से मरणासन्न व्यक्ति भी जीवित हो सकता है, कोई भी व्यक्ति जो अपने से प्यार नहीं करता वह दूसरों से प्यार नहीं कर सकता, यदि आप खुद से प्यार करते हैं तो सबसे पहले स्वस्थ रहना सीखें 🌟

30/04/2026

Aaiye jane ki
Bhartiya yog sansthan kya h 😍

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