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09/04/2021

भारत का प्राचीन चिकित्सा विज्ञान

24/11/2017
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29/07/2017

हेपेटाइटिस बी का इलाज और बचाव के उपाय - Hepatitis B Treatment

हेपेटाइटिस बी दुनिया भर में होने वाली एक आम बीमारी है जिस के वायरस लीवर को गंभीर रोप से संक्रमित करते है! हेपेटाइटिस बी वायरस लीवर में सुजन पैदा करते हैं! जिस से वह ठीक धंद से काम नहीं कर पता!

सवाई मानसिंह अस्पताल डॉक्टर रमेश रूपराय का कहना है के "यहबीमारी एड्स से भी ज्यादा खतरनाक है क्योंकि यह खून के द्वारा बहूत आसानी से दुसरे व्यक्ति के शरीर में चली जाती है! हेपेटाइटिस बी का सिर्फ एक वायरस ही इस बीमारी को फैलाने के लिए काफी है, वह खून के अलावा शरीर से निकलने वाले अन्य द्रवों से भी फैलता है!

जैसे शौच, माँ का दूध, आंसू, लार और खुले घाव अतः इस के रोगी को चाहिए की वह आराम करे, दवा समय पर खाने एवं डॉक्टर की सलाह मानने पर 95 फीसदी लोग 6 महीने में ठीक हो जाते है!

हेपेटाइटिस बी के फैलने के निम्न कारण है!

संक्रमित व्यक्ति का रक्त स्वस्थ व्यक्ति को चढाने से या जिस सिरिंज से संक्रमित व्यक्ति को सुई लगाई गई हो और उसी से दुसरे व्यक्ति को सुई लगाई जाए तो वह वायरस संक्रमित यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में चला जाता है!
हेपेटाइटिस-बी फैलने का सब से महत्वपूर्ण समय संक्रमित माताओं के गर्भ से बच्चे के पैदा होने के समय होता है! इस दौरान बच्चे के शरीर पर जो रक्त लग जाता है उस संक्रमित रक्त में स्थित वायरस बच्चे के रक्त से संपर्क आते ही बच्चे के भीतर चले जाते है! भारत सहित एशिया के सभी देशो में इस प्रकार का संक्रमण बहूत फैलता है और नवजात शिशु बचपन से ही संक्रमित हो जाता है!
खेल कूद के मैदान में संक्रमित व्यक्ति को जब चोट लग जाती है और उस का रक्त किसी तरह स्वस्थ व्यक्ति के रक्त के संपर्क में आ जाए तो यह आसानी से फ़ैल जाता है!
सुई के ड्रग (नशा) का सेवन करने वालो में यह बहुतायत में फैलता है जिस में संक्रमित व्यक्ति द्वारा लिए गए इंजेक्शन में प्रयुक्त सिरिंज का प्रयोग दूसरा व्यक्ति करे तो वायरस स्वस्थ व्यक्ति में चला जाता है!
जब पुरुष और स्त्री में से कोई एक हेपेटाइटिस बी से संक्रमित हो और असुरक्षित योन सम्बन्ध करते हो तो इस से भी वायरस एक से दुसरे व्यक्ति में चला जाता है!

संक्रमण की पहली अवस्था में व्यक्ति की वायरल बुखार जैसे लक्षण होते है!
भूख न लग्न, उलटी आना, बुखार आना, ये लक्षण 5-7 दिन तक रहते है!
7 दिन बाद पीली होने लगती है और पेशाब पीला हो जाता है!जिसे आम भाषा में पीलिया कहा जाता है!
पीलिया 2 से 4हफ्तों तक बढ़तारहता है, 95 फीसदी लोगो में यह 2-4 हफ्तों में ठीक हो जाता है!
जब कभी व्यक्ति को लगे की उसेस हेपेटाइटिस बी हुआ है तो उसे तुरंत किसी गैसत्रोएंट्रोलोजिस्ट डॉक्टर को दिखाया जाना चाहिए, गाँव में जहा डॉक्टर उपलब्ध नहीं होते है तो कम से कम आँखों को फिजीशियन को दिखा लेना चाहिए!

हेपेटाइटिस बी का टीकाकरण Hepatitis B Treatment

इस बीमारी से लीवर को बचाने के लिए बहूत ही प्रभावकारी टीका उपलब्ध है! जिन को यह टीका लगा हुआ है उन में 99 प्रतिशत के शरीर में प्रभावी रक्षात्मक रोग प्रतिकारक ( एंटीबाडीज) उत्पन्न हो जाता है जो (Hepatitis B Treatment ) हेपेटाइटिस-बी के संक्रमण से बचने treatment में सहायक है!
यह टीका सभी व्यक्तियों को 3 बार लगाना होता है! जन्म लेने वाले बच्चे में पहला टीका जन्म लेने के तुरंत बाद, दूसरा 1 महीने बाद तथा तीसरा 6 महीने पर, बड़ो में भी यह 3 बार लगवाया जाता है!

बचाव के उपाय

संक्रमित व्यक्ति के खून में यह वायरस 7 दिन तक जीवित रहता है! अतः संक्रमित व्यक्ति के तोलिये, ब्रश, कंघी का प्रयोग, दुसरे व्यक्ति को नहीं करना चाहिए!
संक्रमित व्यक्ति के साथ एक ही थाली में स्वस्थ व्यक्ति को खाना नहीं खाना चाहिए क्योंकि यह वायरस लार के द्वारा भी भीतर जा सकता है!
संक्रमित व्यक्ति का लगाया गया इंजेक्शन दुस्सरे व्यक्ति को प्रयोग नहीं करना चाहिए!
एक्युपंचर के लिए सभी को ने सुइयों का प्रयोग करना चाहिए, नहीं तो इन सुइयों से भी संक्रमण व्यक्ति का वायरस स्वस्थ व्यक्ति में चला जाता है!
संक्रमित व्यक्ति के शौच से भी संक्रमण फ़ैल जाता है! अतः व्यक्ति को साफसुथरे शौचालय का प्रयोग करना चाहिए और उसके बाद शौचालय को ठीक प्रकार से धोकर साफ़ करना जरूरी है ताकि किसी दुसरे को संक्रमण ना हो!
यौन सम्बन्ध बनाते समय संक्रमित व्यक्ति को कंडोम का प्रयोग जरूर करना चाहिए!
यदि कोई व्यक्ति हेपेटाइटिस बी पॉजिटिव है तो उस के परिवार के अन्य सभी सदस्य को यदि टीका नहीं लगा है, तो टीका लगवा लेना चाहिए!

Photos from Ayurvision's post 10/06/2017
Photos 10/06/2017
Photos 07/06/2017

An ayurvedic treatment procedure............

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