JyotishPandit
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बहुत अच्छा प्रश्न है!
ज्योतिष (Jyotish) में ‘भद्र’ का क्या अर्थ है — हिंदी में विस्तार से समझाते हैं:
🌙 भद्र योग (Bhadra Yoga)
भद्र शब्द ज्योतिष में मुख्यतः पंच महापुरुष योग में से एक योग के लिए प्रसिद्ध है। पंच महापुरुष योग पाँच प्रमुख शुभ योग होते हैं, जो ग्रहों की विशेष स्थिति से बनते हैं — ये हैं:
1️⃣ रूचक योग (मंगल से)
2️⃣ भद्र योग (बुध से)
3️⃣ हंस योग (गुरु से)
4️⃣ मालव योग (शुक्र से)
5️⃣ शश योग (चंद्रमा से)
✅ भद्र योग कैसे बनता है?
भद्र योग तब बनता है जब:
बुध ग्रह केंद्र (1, 4, 7 या 10 भाव) में स्थित हो।
और बुध स्वगृह (मिथुन या कन्या) में या उच्च राशि (कन्या) में हो।
साथ ही पाप ग्रहों से पीड़ित न हो।
🔆 भद्र योग के लाभ:
जिस जातक की कुंडली में शुद्ध भद्र योग बनता है, उसमें ये गुण होते हैं:
बुद्धिमान, चतुर और विद्वान होता है।
भाषण कला में निपुण होता है।
लेखन, वाणी, गुप्तचर्चा और व्यापार में सफलता मिलती है।
राज सम्मान व प्रतिष्ठा प्राप्त करता है।
शरीर सुंदर व मजबूत होता है।
जीवन में सुख-संपत्ति और ऐश्वर्य का योग होता है।
🗓️ भद्रा तिथि / भद्रा काल (कालगणना):
कभी-कभी लोग भद्र को भद्रा काल से भी जोड़ते हैं, जो पंचांग का एक विशेष भाग है।
भद्रा काल को कुछ कार्यों में अशुभ माना जाता है।
जैसे, विवाह या शुभ यात्रा भद्रा काल में नहीं करते।
यह भद्र काल चंद्रमा की स्थिति से निकलता है और एक विशेष अवधि तक रहता है।
✏️ संक्षेप में:
👉 भद्र योग = पंच महापुरुष योग, बुध ग्रह से बनता है।
👉 भद्रा काल = पंचांग का एक विशेष अशुभ समय, इसे शुभ कार्यों में वर्जित माना जाता है।
अगर आप चाहें तो मैं आपकी कुंडली देख कर यह भी बता सकता हूँ कि आपकी कुंडली में भद्र योग है या नहीं — या भद्रा काल कैसे निकलता है!
आप बताना चाहेंगे? 🌟✨
फरवरी २०२५ का कर्क राशि फल
कर्क राशि (21 जून - 22 जुलाई)
फरवरी में कर्क राशि के जातकों को अपने परिवार में सुख-शांति मिल सकती है। आर्थिक स्थिति में स्थिरता आएगी। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
_करियर_
- नौकरी में स्थिरता आएगी।
- व्यवसाय में लाभ हो सकता है।
- नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत कर सकते हैं।
_आर्थिक स्थिति_
- आर्थिक स्थिति में स्थिरता आएगी।
- निवेश से लाभ हो सकता है।
- आय में वृद्धि हो सकती है।
_प्रेम और संबंध_
- परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है।
- प्रेम जीवन में सुधार हो सकता है।
- दोस्तों के साथ संबंध मजबूत हो सकते हैं।
_स्वास्थ्य_
- स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है।
- तनाव से बचने के लिए योग और ध्यान करें।
- नियमित व्यायाम करें।
फरवरी २०२५ का मिथुन राशि फल यहाँ दिया गया है:
मिथुन राशि (21 मई - 20 जून)
फरवरी में मिथुन राशि के जातकों को अपने करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। अपने आत्मविश्वास को बढ़ाएं।
_करियर_
- नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत कर सकते हैं।
- नौकरी में पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं।
- व्यवसाय में लाभ हो सकता है।
_आर्थिक स्थिति_
- आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है।
- निवेश से लाभ हो सकता है।
- आय में वृद्धि हो सकती है।
_प्रेम और संबंध_
- प्रेम जीवन में सुधार हो सकता है।
- परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है।
- दोस्तों के साथ संबंध मजबूत हो सकते हैं।
_स्वास्थ्य_
- स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है।
- तनाव से बचने के लिए योग और ध्यान करें।
- नियमित व्यायाम करें।
फरवरी २०२५ का वृष राशि फल
वृष राशि (20 अप्रैल - 20 मई)
फरवरी में वृष राशि के जातकों को अपने करियर में सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। अपने आत्मविश्वास को बढ़ाएं।
_करियर_
- नौकरी में पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं।
- व्यवसाय में लाभ हो सकता है।
- नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत कर सकते हैं।
_आर्थिक स्थिति_
- आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है।
- निवेश से लाभ हो सकता है।
- आय में वृद्धि हो सकती है।
_प्रेम और संबंध_
- प्रेम जीवन में सुधार हो सकता है।
- परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है।
- दोस्तों के साथ संबंध मजबूत हो सकते हैं।
_स्वास्थ्य_
- स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है।
- तनाव से बचने के लिए योग और ध्यान करें।
- नियमित व्यायाम करें।
फरवरी 2025 का मेष राशि फल
मेष राशि (21 मार्च - 19 अप्रैल)
फरवरी में मेष राशि के जातकों को अपने करियर में सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। अपने आत्मविश्वास को बढ़ाएं।
*करियर*
- नौकरी में पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं।
- व्यवसाय में लाभ हो सकता है।
- नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत कर सकते हैं।
*आर्थिक स्थिति*
- आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है।
- निवेश से लाभ हो सकता है।
- आय में वृद्धि हो सकती है।
*प्रेम और संबंध*
- प्रेम जीवन में सुधार हो सकता है।
- परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है।
- दोस्तों के साथ संबंध मजबूत हो सकते हैं।
*स्वास्थ्य*
- स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है।
- तनाव से बचने के लिए योग और ध्यान करें।
- नियमित व्यायाम करें।
यह राशि फल आपको फरवरी महीने में होने वाली घटनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करता है।
फरवरी का पंचांग यहाँ दिया गया है:
फरवरी के महत्वपूर्ण तिथियाँ
- *14 फरवरी*: शुक्र प्रदोष व्रत, कुमार शास्ती व्रत
- *16 फरवरी*: सोम प्रदोष व्रत
- *18 फरवरी*: मासिक शिवरात्रि व्रत
- *26 फरवरी*: अमावस्या
फरवरी के पर्व और त्योहार
- *माघ पूर्णिमा*: फरवरी के महीने में पड़ने वाली पूर्णिमा को माघ पूर्णिमा कहा जाता है।
- *महाशिवरात्रि*: फरवरी या मार्च में पड़ने वाली यह तिथि भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष मानी जाती है।
कल 12.01.2024 के पंचांग के अनुसार:
- *तिथि*: एकादशी तिथि (सुबह 10:19 बजे तक) उसके बाद द्वादशी तिथि
- *वार*: शुक्रवार
- *नक्षत्र*: कृत्तिका नक्षत्र (दोपहर 01:45 बजे तक) उसके बाद रोहिणी नक्षत्र
- *योग*: शुभ योग (दोपहर 02:35 तक) तत्पश्चात शुक्ल योग
- *करण*: विष्टि भद्रा करण (प्रात: 10:19 तक) तत्पश्चात भाव करण
- *चंद्र राशि*: वृषभ
- *सूर्य राशि*: धनु
- *राहु काल*: सुबह 11:23 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक
- *अभिजीत*: दोपहर 12:24 बजे से 01:08 बजे तक
- *सूर्योदय*: प्रातः 07:15 बजे
- *सूर्यास्त*: सायं 06:17 बजे
पुत्रदा एकादशी 10.01.2025 व्रत एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे पुत्र प्राप्ति के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।
पुत्रदा एकादशी व्रत के नियम और विधि इस प्रकार हैं:
व्रत के नियम
1. *व्रत की तिथि*: पुत्रदा एकादशी व्रत पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है।
2. *व्रत का उद्देश्य*: इस व्रत का मुख्य उद्देश्य भगवान विष्णु को प्रसन्न करना और पुत्र प्राप्ति की कामना करना है।
3. *व्रत की विधि*: व्रत के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए, फिर भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए।
4. *व्रत का समय*: व्रत का समय सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक होता है।
5. *व्रत के दौरान खान-पान*: व्रत के दौरान केवल फल, सब्जियां और अनाज खाने चाहिए। दूध, दही और घी का सेवन भी किया जा सकता है।
व्रत की विधि
1. *सूर्योदय से पहले उठना*: व्रत के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए।
2. *भगवान विष्णु की पूजा*: स्नान करने के बाद भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए।
3. *व्रत की कथा सुनना*: व्रत के दौरान भगवान विष्णु की कथा सुननी चाहिए।
4. *व्रत के दौरान ध्यान*: व्रत के दौरान ध्यान करना चाहिए और भगवान विष्णु की आराधना करनी चाहिए।
5. *व्रत के बाद पारण*: व्रत के बाद पारण करना चाहिए, जिसमें भगवान विष्णु को भोग लगाना चाहिए और फिर स्वयं भोजन करना चाहिए।
पुत्रदा एकादशी व्रत के पालन से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और पुत्र प्राप्ति की कामना पूरी होती है।
यहाँ जनवरी 2025 का पंचांग है:
जनवरी 2025
सूर्योदय: 7:04 AM
सूर्यास्त: 5:53 PM
प्रमुख तिथियाँ और पर्व:
1 जनवरी - नववर्ष (न्यू ईयर)
14 जनवरी - मकर संक्रांति
15 जनवरी - पोंगल
23 जनवरी - नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती
26 जनवरी - गणतंत्र दिवस (रिपब्लिक डे)
चंद्र चरण:
पूर्णिमा - 13 जनवरी 2025
अमावस्या - 28 जनवरी 2025
हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष मास में कई महत्वपूर्ण त्योहार और पर्व मनाए जाते हैं। यहाँ कुछ प्रमुख त्योहार हैं:
1. पौष पूर्णिमा - 12 जनवरी 2025 (पौष मास की पूर्णिमा)
2. सकट चौथ - 10 जनवरी 2025 (पौष मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी)
3. संकष्टी चतुर्थी - 10 जनवरी 2025 (पौष मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी)
4. मकर संक्रांति - 14 जनवरी 2025 (पौष मास के शुक्ल पक्ष की पहली तिथि)
नोट: तिथियाँ और त्योहार की तारीखें पंचांग और स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार भिन्न हो सकती हैं।
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