Sudarshan prank video

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skumar

28/08/2026

आपको बता दें कि यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ, जब SIAM के लीक हुए लेटर्स और रॉयटर्स की एक जांच में देश के 18 राज्यों में खतरनाक स्तर पर क्लोराइड और पानी की मिलावट का खुलासा हुआ।
इसके जवाबदारी सरकार है।

28/08/2026

*NEET चयन सूची बताती है कि आरक्षण आज भी क्यों आवश्यक है*

हाल ही में NEET (MBBS/BDS) के परिणाम जारी हुए हैं। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा मेरिट सूची एवं प्रथम चरण की सीट आवंटन सूची (Allotment List) जारी की गई है।

मेरिट सूची के अनुसार अनुसूचित जाति (SC) वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त अभ्यर्थी का सरल क्रमांक 32, NEET स्कोर 595 तथा स्टेट रैंक 32 है। वहीं द्वितीय स्थान प्राप्त अभ्यर्थी का सरल क्रमांक 147, NEET स्कोर 563 तथा स्टेट रैंक 147 है।

इसी प्रकार अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त अभ्यर्थी का सरल क्रमांक 257, NEET स्कोर 544 तथा स्टेट रैंक 257 है, जबकि द्वितीय स्थान प्राप्त अभ्यर्थी का सरल क्रमांक 759, NEET स्कोर 506 तथा स्टेट रैंक 759 है।

प्रथम चरण के सीट आवंटन में SC वर्ग के प्रथम रैंक प्राप्त अभ्यर्थी को अनारक्षित (UR) सीट प्राप्त हुई है। SC वर्ग में प्रथम श्रेणी का श्रेणीगत चयन स्टेट रैंक 147 एवं NEET स्कोर 563 वाले अभ्यर्थी से प्रारंभ हुआ है। वहीं ST वर्ग में श्रेणीगत सीट आवंटन स्टेट रैंक 257 से प्रारंभ हुआ है।

MBBS में चयन सूची का अध्ययन करने पर स्पष्ट होता है कि आज भी अनारक्षित श्रेणी में अनुसूचित जनजाति वर्ग का प्रतिनिधित्व अत्यंत सीमित या नहीं के बराबर है। अनुसूचित जाति वर्ग का भी केवल एक अभ्यर्थी अनारक्षित श्रेणी तक पहुंच पाया है,हाल के कुछ वर्षों में ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थी अनारक्षित सीटों पर चयनित हो रहे हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य में EWS श्रेणी की सीटों का चयन 581 अंकों से प्रारंभ हुआ है, जो कई SC एवं OBC अभ्यर्थियों के अंकों से कम है।

यह स्थिति एक महत्वपूर्ण प्रश्न खड़ा करती है—यदि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण समाप्त कर दिया जाए, तो इन वर्गों का प्रतिनिधित्व किस स्तर तक सीमित हो जाएगा?

ST वर्ग के जिस अभ्यर्थी की स्टेट रैंक 759 है, उसे श्रेणीगत सीट आवंटन में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। यह संवैधानिक आरक्षण व्यवस्था का परिणाम है, जिसके माध्यम से ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में अवसर और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाता है।

यह कहना गलत होगा कि SC, ST और OBC वर्ग के लोगों में योग्यता की कमी है। वास्तविकता यह है कि सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक असमानताओं ने इन वर्गों को लंबे समय तक समान अवसरों से दूर रखा है। आरक्षण व्यवस्था इन असमानताओं को कम करने और समान अवसर उपलब्ध कराने का संवैधानिक माध्यम है।

आज कुछ समूह "आरक्षण हटाओ" या "आरक्षण सुधारो" के नाम पर अभियान चला रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी आरक्षण विरोधी विचारों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। संख्या में कम होने के बावजूद ये समूह संगठित होकर अपनी बात रख रहे हैं और आरक्षण के विरुद्ध वातावरण बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

दूसरी ओर, जिन परिवारों के बच्चे आज डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी या अन्य प्रतिष्ठित पदों पर चयनित हो रहे हैं, वे अक्सर इस बात पर विचार नहीं करते कि सामाजिक न्याय की इस यात्रा में संविधान और आरक्षण व्यवस्था का कितना महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

*क्या हमने कभी भारत के संविधान को धन्यवाद दिया? क्या हमने कभी बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और उन सभी महापुरुषों को याद किया, जिन्होंने समान अवसर और प्रतिनिधित्व के लिए संघर्ष किया? इन सभी के दिए व्यवस्था से ही आज हमारे बच्चे का चयन नीट एमबीबीएस सीट के लिए हुआ है।*

आज भी समय है। यदि हम मानते हैं कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व के लिए आरक्षण आवश्यक है, तो उसके समर्थन में खड़ा होना भी हमारी जिम्मेदारी है।

संवैधानिक आरक्षण व्यवस्था के कारण ही समाज के वंचित वर्गों के लाखों युवाओं को उच्च शिक्षा, सरकारी सेवाओं और नेतृत्वकारी पदों तक पहुंचने का अवसर मिला है। यह केवल नौकरी या सीट का प्रश्न नहीं, बल्कि प्रतिनिधित्व, सम्मान और सामाजिक न्याय का प्रश्न है।

आज जब हम अपने बच्चों की सफलता पर गर्व करते हैं, तब यह भी याद रखना चाहिए कि संविधान द्वारा निर्मित अवसरों की यह व्यवस्था ही उन्हें आगे बढ़ने का मार्ग प्रदान करती है। हमारे बच्चे का एमबीबीएस नेट में चयन होने पर हमारे रिश्तेदार और हमारे समाज वाले खूब बधाई दे रहे हैं। हमारी भी जिम्मेदारी है कि एक धन्यवाद हम संविधान, संवैधानिक आरक्षण और बाबा साहब को दें।
और यदि ऐसा नहीं तो आप अनुसूचित जाति या जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग के नाम से जाति प्रमाण पत्र बनवाना बंद कर दें।

यदि आपका विवेक यह स्वीकार करता है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों के लिए संवैधानिक आरक्षण आवश्यक है, तो सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आवाज़ अवश्य उठाइए।

*आप सबसे आग्रह है कि वर्तमान में जो आरक्षण विरोधी/ आरक्षण सुधार आंदोलन चल रहे हैं,उसके जवाब में आरक्षण बचाओ मूवमेंट में शामिल होवें।*

*संवैधानिक आरक्षण व्यवस्था जिंदाबाद।*
*भारत का संविधान जिंदाबाद।*
*महामना बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर अमर रहें।*
*महामना जयपाल सिंह मुंडा अमर रहें।*

✍🏻*विनोद कुमार कोशले*
*मो.6261017911*
*सोशल जस्टिस लीगल फाउंडेशन*

28/08/2026

जय भीम जय संविधान नमो बुद्धाय

26/08/2026

जय भीम जय संविधान

25/08/2026

ज्योतिराव फुले का जन्म 11 अप्रैल 1827 को हुआ था। वे सामाजिक सुधारक, लेखक और महिला शिक्षा तथा सामाजिक समानता के प्रमुख समर्थक थे।

25/08/2026

पूरे प्रदेश में विकास हो रहा हैं।
बीजेपी सरकार की सच्चाई।

24/08/2026

#नाग_पंचशील बुद्धिस्ट ऐतिहासिक पर्व है, ☸️☸️☸️☸️दूसरे धर्म के लोगों का इससे कोई लेना देना है, इस दिन नांग वंश के राजाओं को याद किया जाता था और पूजा की जाती थीं,
नाग कोई सरीसृप नहीं थे बल्कि बुद्धकालीन एक मूलनिवासी मानव प्रजाति है, यह बौद्ध धर्म के अनुयायी थे और उसके संरक्षक भी थे, नागवंशियों में सबसे बड़ा सम्राट योद्धा "शिशुनाग" था, शिशुनाग का शासनकाल 412 वर्ष ईसा पूर्व से 345 वर्ष ईसा पूर्व था, शिशुनाग को ही शेषनाग कहा जाता था, शेषनाग का पूरा नाम "शेषद्दात नाग" था,
नागवंशी राजाओं ने ही बुद्ध धर्म की रक्षा की,☸️☸️☸️☸️ इनमें प्रमुख राजा शेषनाग दत्त, चन्द्रनशु, धम्मवर्धन, वंगर थे, आप बुद्ध की मूर्तियों के पास जो 5 या 7 नाग देखते हैं यह वही नागराजाओ का प्रतीक है जिन्होंने बुद्ध धम्म को संरक्षण दिया,

मनुवादियों ने कपोल कल्पित कहानियां गढ़ी और धरती शेषनाग पर टिकी है जैसी अवैज्ञानिक कहानियों को जन्म दिया, नागों को सर्प बताकर मिसगाइड किया, नागो को इच्छाधारी बेरहरूपिया बताया,
बल्कि मूलनिवासी नागवंशी राजाओं का पूरे भारत में एकछत्र राज था और सभी राजा बहुत ही लोक प्रिय राजा थे।

[ ये तस्वीरे - थाईलैंड, कंबोडिया, भरहुत स्तूप मध्यप्रदेश आदि स्थानों की है☸️☸️☸️☸️☸️☸️ ]

नांग पंचमी की सभी☸️☸️☸️ बुद्धिस्ट नागवंशी☸️☸️☸️ राजाओं को नमन एवं मूलनिवासी समाज को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें! 🌹🌹🙏🙏
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23/08/2026

गुरु बालक दास जी की जय

23/08/2026

आप सभी दोस्तों को जय सतनाम, जय भीम, जय संविधान, नमो बुद्धाय।

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